time duration of sample collection for diagnostic tests at Aiims Delhi increased by over five and half hours | AIIMS दिल्ली में बढ़ा टेस्ट करवाने का समय, 500 रुपये तक की जांच हो सकती है मुफ्त


नई दिल्ली: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में स्थित ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) में इलाज करवाने वाले मरीजों के लिए अस्पताल प्रशासन की तरफ से राहत भरी खबर आई है. एम्स प्रशासन ने अस्पताल में जांच करवाने के लिए ब्लड सैंपल देने के समय को साढ़े 5 घंटे बढ़ा दिया है. अब एम्स में मरीज जांच करवाने के लिए सुबह 8 बजे से शाम साढ़े 3 बजे तक ब्लड सैंपल दे सकते हैं जो कि पहले सिर्फ सुबह 8 बजे से सुबह 10 बजे तक दो घंटे का ही था.

साढ़े 5 घंटे बढ़ाया गया जांच का समय

हालांकि ये बढ़ा हुआ समय सिर्फ सोमवार से शुक्रवार के लिए ही है. शनिवार के दिन ओल्ड OPD के मरीजों का सैंपल सुबह 8 बजे से साढ़े 10 बजे तक और न्यू OPD के मरीजों का सैंपल सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक ही लिया जाएगा.

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दिल्ली एम्स के मरीजों की परेशानी होगी दूर

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एम्स के मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए 3 सितंबर को एम्स दिल्ली के वरिष्ठ प्रोफेसरों की अगुआई वाली एक कमेटी बनाई थी. इस कमेटी का काम था कि एम्स दिल्ली में इलाज करवाने आने वाले मरीजों की परेशानियां कैसे दूर की जाएं? ऐसे में ये जांच करवाने के लिए बढ़ा हुआ समय इसी कमेटी की सिफारिशों में एक था जिसे अस्पताल प्रशासन ने लागू किया है.

कमेटी की और सिफारिशों की बात करें तो एम्स दिल्ली की इस कमेटी ने ये भी सिफारिश की है कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की रेडियोलॉजिकल जांच का भी समय बढ़ाया जाए. मसलन कमेटी ने सिफारिश की थी कि एम्स दिल्ली में होने वाली रेडियोलॉजिकल जांच जैसे- एमआरआई, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन के टाइम को भी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक किया जाए. अभी तक रेडियोलॉजिकल जांच सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ही की जाती थी.

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एम्स दिल्ली की कमेटी ने अस्पताल प्रशासन से सिफारिश की है कि एम्स में इलाज करवाने आने वाले मरीजों की 500 रुपये तक की जांच को मुफ्त किया जाए जिससे ना सिर्फ बिल की लाइन कम होगी बल्कि इससे गरीब मरीजों को भी राहत मिलेगी. कमेटी की सिफारिशों को स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा जा चुका है और बाकी की सिफरिशों को लागू करने पर अंतिम फैसला स्वास्थ्य मंत्रालय को लेना है.

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