Team India ICC world Test championship oval test match england india | IND vs ENG: टीम इंडिया के लिए बड़ी खुशखबरी, ओवल में जीत के साथ मिला ये बड़ा इनाम


लंदन: भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ यहां ‘द ओवल’ में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में जीत के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के 2021-23 के संस्करण में लीड ले ली है और वह टॉप पर पहुंच गया है. भारत ने इंग्‍लैंड के खिलाफ जीत हासिल करके वर्ल्‍ड टेस्‍ट चैंपियनशिप (ICC World Test Championship) के दूसरे सीजन में पाकिस्‍तान को पछाड़ दिया है और नंबर 1 की कुर्सी पर कब्‍जा जमा लिया है. 

टॉप पर ऐसे पंहुचा भारत 

भारत ने 5 टेस्‍ट मैचों की सीरीज के चौथे मुकाबले में 157 रन से बड़ी जीत हासिल की. इस यादगार जीत के दम पर भारत को 26 अंक और 54.17 अंक प्रतिशत मिले. जिससे उसने टॉप पर जगह बनाई. भारत के बाद पॉइंट टेबल में 12-12 अंकों के साथ पाकिस्‍तान और वेस्‍टइंडीज की टीम है. दोनों के 50 प्रतिशत अंक है. चौथे स्‍थान पर इंग्‍लैंड 14 अंकों के साथ है. इंग्‍लैंड का अंक प्रतिशत पाकिस्‍तान और वेस्‍टइंडीज की तुलना में 29.17 ही है.

जीत पर मिलते हैं 12 अंक 

हर टेस्‍ट मैच में जीत पर 12 अंक मिलते हैं. टाई होने पर 6, ड्रॉ होने पर 4 अंक मिलते हैं. मैच हारने वाली टीम को कोई अंक नहीं मिलता. वहीं अंकों के प्रतिशत की बात करें तो जीत पर 100 प्रतिशत, टाइ पर 50 प्रतिशत और ड्रॉ होने पर 33.33 प्रतिशत अंक मिलते हैं. अगर कोई अंक नहीं काटा जाता तो भारत के 26 अंक और 58.33 फीसदी पर्सेंट ऑफ प्वाइंट (पीसीटी) होते, उसके बाद पाकिस्तान और विंडीज हैं जिनके 12 अंक और 50 फीसदी पीसीटी हैं, प्रत्येक टेस्ट मैच जीतने पर 12 अंक, टाई होने पर छह और ड्रॉ होने पर चार अंक मिलते हैं. हर मैच जीतने पर 100 पीसीटी मिलते हैं, जबकि टाई पर 50 और ड्रॉ होने पर 33.33 पीसीटी मिलते हैं.

पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 60 अंक

पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 60 अंक, चार मैचों की सीरीज में 48, तीन मैचों की सीरीज में 36 और दो मैचों की सीरीज में 24 अंक मिलते हैं. भारत और इंग्लैंड के धीमी ओवर गति को लेकर दो-दो अंक काटे गए थे. पहले तीन टेस्ट से 16 अंक आने थे, लेकिन 14 ही मिले. मैच हारने के कारण इंग्लैंड के अंक समान हैं, लेकिन मैच जीतने की वजह से भारत के अंक बढ़ेंगे.

भारत की जीत टूर्नामेंट के पहले संस्करण की उपविजेता टीम के लिए एक शुरुआती बढ़त बनाती है, क्योंकि घरेलू लाभ आम तौर पर शीर्ष दावेदारों के बीच टेस्ट और सीरीज तय करने में एक महत्वपूर्ण कारक होता है. दो वर्ष के साईकिल के बाद शीर्ष की दो टीमें फाइनल में जगह बनाती हैं. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड पहले संस्करण में कोरोना के कारण जगह बनाने से चूके थे, जबकि भारत ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मिली जीत के दम पर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था.





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