Pushkar cattle fair will be organized know what you can do in Pushkar Fair 2021 | शर्तों के साथ आयोजित होगा पुष्कर पशु मेला, जानें किन कार्यक्रमों को मिली अनुमती


Ajmer: रेतीले धोरों की रंग बिरंगी संस्कृति का परिचायक पुष्कर मेला (Pushkar Fair) देश ही नहीं विदेशों तक आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा है. पुष्कर मेला पर्यटन के साथ-साथ पशुपालकों और स्थानीय व्यवसायियों के लिए आय का मुख्य साधन सालों से बना हुआ है. वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण (Covid) से बचाव के लिए मेले के आयोजन को रद्द कर दिया गया था. बड़ी मशक्कत के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने पुष्कर मेले को विभिन्न शर्तों के साथ आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी है. पुष्कर पशु मेला 5 नवंबर से 21 नवंबर तक प्रस्तावित है.

पुष्कर पशु मेला आयोजन किए जाने की स्वीकृति 
शासन सचिव डॉ आरुषि मलिक (Aarushi Malik) ने जिला कलेक्टर को पुष्कर पशु मेला आयोजन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है. जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अजमेर के कार्यालय पत्रांक 14789 दिनांक 8 अक्टूबर में उल्लेख किया गया है कि राज्य सरकार (State Government) की मंशा के अनुरूप स्थानीय पशु पालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुष्कर में पशु हाट मेले (Pashu Haat Mela) का आयोजन किया जा सकता है. संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग द्वारा कार्यालय पत्रांक 13316 दिनांक 12 अक्टूबर के माध्यम से मेला कार्यक्रम का अनुमोदन किया गया है.

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पशु हाट मेले का होगा आयोजन
इसी क्रम में व्यापक जनहित में कोविड-19 के फैलाव से बचाव एवं नियंत्रण हेतु ग्रह विभाग राज्य सरकार के आदेश क्रमांक 11 अक्टूबर द्वारा जारी नवीनतम त्रिस्तरीय जन अनुशासन दिशा निर्देशों की जिला प्रशासन द्वारा पालना करवाए जाने की स्थिति में पुष्कर पशु मेला 2021 (Pushkar Cattle Fair 2021) के आयोजन की शासन सचिव डॉ आरुषि मलिक ने जिला कलेक्टर को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है. पुष्कर पशु मेला 5 नवंबर से 21 नवंबर तक प्रस्तावित है. मेले में पशु हाट मेले का आयोजन किया जाएगा. पूर्व के भाति पशु प्रतियोगिताओं के आयोजन पर संशय बना हुआ है. 

विभिन्न कार्यक्रमों को किया गया निरस्त
पर्यटन विभाग (Tourism department) द्वारा आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को भी इस वर्ष निरस्त कर दिया गया है. कुल मिलाकर पुष्कर मेले के रंग इस वर्ष अधूरे ही रहेंगे. गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय पुष्कर मेला (International Pushkar Fair) दो चरणों में आयोजित होता है, मेले के प्रथम चरण में दीपावली (Diwali) के दूसरे दिन से पशु वालों को की आवक शुरू हो जाती है इस दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं के आयोजन भी नहीं होंगे. वहीं मेले के दूसरे चरण में कार्तिक माह की प्रबोधिनी एकादशी से पूर्णिमा तक लाखों देशी-विदेशी श्रद्धालु सरोवर में पंचतीर्थ महा स्नान में भाग लेते हैं.

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विदेशी पर्यटक की आवक के लगाए जा रहे आसार
2019 के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो कार्तिक एकादशी से चतुर्दशी तक लगभग ढाई लाख देशी विदेशी पर्यटक पुष्कर पहुंचे. वहीं, पूर्णिमा को लगभग दो लाख लोगों ने पुष्कर मेले में शिरकत की. हाल ही में अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ाने पुनः संचालित किए जाने से विदेशी पर्यटक (foreign tourist) की आवक के आसार लगाए जा रहे है. होटल व्यवसायियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पुष्कर मेले के दौरान लगभग 4000 से अधिक विदेशी पर्यटक पुष्कर में आते हैं. ऐसे में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े होटल संचालक, रेस्टोरेंट्स मालिक, ट्रैवल एजेंसी, कैमल सफारी (Camel safari) और स्थानीय तीर्थ पुरोहितों को आर्थिक हालात बेहतर होने की उम्मीद है.

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वहीं, दूसरी ओर अपनी खस्ताहाल स्थिति से जूझ रहे राज्य पशु ऊंट की बिक्री भी इस वर्ष हो पाएगी. सरकारी आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो सन 2001 में 15460 ऊंटों की आवक पुष्कर मेले में हुई तो वहीं 2019 में मात्र 1784 ऊंट वंश की आवक ही हुई. इतना ही नहीं पुष्कर पशु मेले में बिक्री हेतु आने वाले अश्व वंश, गोवंश, आदि भी इस बार आ पाएंगे. ऐसे में साल भर पुष्कर पशु मेले का इंतजार करने वाले पशु पालक के लिए पुष्कर पशु मेले के आयोजन की खबर इस मुश्किल दौर में उम्मीदें बांधने वाली है.
Report- Abhishek sharma 





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