Mukhtar ansari said to judge to not call him in court if he comes out of jail he will be murdered uppm | मुख्तार को सता रहा मौत का डर, जज से बोला- जेल से निकला तो हो जाएगी हत्या, कोर्ट में न बुलाएं


बाराबंकी: यूपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की फर्जी एंबुलेंस मामले में बाराबंकी की विशेष सत्र न्यायाधीश MP-MLA कोर्ट में पेशी हुई. इसमें मुख्तार अंसारी बांदा जेल से हाजिर हुआ. विशेष सत्र न्यायाधीश कमल कांत श्रीवास्तव की अदालत में यह सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान जज ने मुख्तार अंसारी से सवाल किया कि क्यों न आपको अब कोर्ट में तलब कर लिया जाए. इस पर मुख्तारी अंसारी बेहद घबरा गया. उसने जज से ऐसा न करने की गुहार लगाई. मुख्तार ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उसे मरवाना चाहती है. ऐसे में अगर वह जेल से बाहर निकला, तो उसकी हत्या करवा दी जाएगी. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 9 सितंबर की तारीख दी है. 

जज के सामने जताई ये आशंका
कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई के संबंध में मुख्तार के वकील रणधीर सिंह सुमन ने जानकारी दी. रणधीर सिंह सुमन ने बताया कि आज सुनवाई के दौरान मुख्य बात यह रही कि न्यायालय ने मुख्तार अंसारी से कहा कि क्यों न आपको व्यक्तिगत रूप से अदालत में तलब कर लिया जाए. जिस पर मुख्तार अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार मुझे जान से मरवाना चाहती है. किसी भी तरीके से जैसे ही मैं जेल से बाहर निकलूंगा, वैसे ही चित्रकूट जैसी कोई घटना सरकार करवा देगी. जिसमें मुझे जान से मरवा दिया जाएगा. 

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कहा मैंने कोई अपराध नहीं किया
इसके अलावा मुख्तार अंसारी ने कहा कि जितने भी मुकदमे मेरे ऊपर चल रहे हैं, वह सभी राजनीतिक रूप से लगाए गए हैं. जबकि मैंने कोई भी अपराध नहीं किया है. वकील ने बताया कि सुनवाई के दौरान न्यायालय ने वकालतनामा दाखिल करने के लिए कहा है. वकील ने बताया कि वकालतनामा बांदा जेल को भेजा जा रहा है. इस पर मुख्तार अंसारी के हस्ताक्षर होने के बाद जेल अधिकारी उसको प्रमाणित करेंगे. उसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा. 

क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि मुख्तार अंसारी पंजाब जेल में बंद रहने के दौरान जिस एंबुलेंस का प्रयोग कर रहा था वह 31 मार्च को चर्चा में आई थी. यूपी के बाराबंकी जिले के नंबर की एंबुलेंस से पंजाब में पेशी की खबर के बाद योगी सरकार गंभीर हो गई और उसकी जांच शुरू की गई. जांच के बाद 2 अप्रैल को इस मामले में मऊ की अस्पताल संचालिका डॉ. अलका राय, शेषनाथ राय, मो. सैयद मुजाहिद, राजनाथ यादव, आनंद यादव, शाहिद, सुरेंद्र शर्मा और अफरोज सहित एंबुलेंस चालक सलीम को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. जबकि मुख्तार बांदा जेल में बंद है. वहीं, इस मामले में अभी दो लोग फरार हैं. इन पर एसपी द्वारा इनाम भी घोषित किया गया है. आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम दूसरे जिलों में सक्रिय है. जल्द ही उनको पकड़ने में कामयाबी मिलने की उम्मीद है. 

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