IND vs ENG: Reason why Virat Kohli can wear Sports cap but England batsmen like Joe Root cannot while facing spinners| Virat Kohli ने बैंटिंग के दौरान पहना Cap, लेकिन Joe Root के लिए Helmet पहनना जरूरी, जानिए क्यों


नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट (IND vs ENG 3rd Test) के तीसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों ने अंग्रेजों के पसीने छुड़ा दिए. बेहद दबाव में होने के बावजूद रोहित शर्मा (Rohit Sharma), चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) और विराट कोहली (Virat Kohli) ने पिच पर जबर्दस्त संयम दिखाया.

बल्लेबाज विराट कोहली ने पहना कैप

शुक्रवार को आखिरी 10 ओवर्स में इंग्लैंड (England) ने अपने स्पिनर्स को टीम इंडिया (Team India) के खिलाफ उतार दिया, क्योंकि खराब रोशनी (Bad Light) की वजह से पेस गेंदबाजी की इजाजत अंपायर्स ने नहीं दी, जो रूट ने भी इसके लिए हामी भर दी. तभी विराट कोहली (Virat Kohli) ने हेल्मेट उतारकर कैप पहन लिया और आसानी से रन बनाने लगे.
 

 

यह भी देखें- Video: बिना इजाजत एक बार फिर मैदान में घुसा ‘टीम इंडिया का पहला व्हाइट क्रिकेटर’, हुआ ऐसा अंजाम

रूट ने स्पिनर्स के खिलाफ नहीं उतारा हेलमेट 

दिलचस्प बात ये है कि जब इंग्लैंड (England) के बल्लेबाजों के साथ ऐसे हालात पैदा हुए थे उन्होंने अपने हेलमेट (Helmet) नहीं उतारे थे. भारत में चेन्नई टेस्ट (Chennai Test) के दौरान जो रूट (Joe Root) ने डबल सेंचुरी लगाई थी लेकिन उन्होंने स्पिनर्स के खिलाफ एक बार भी कैप नहीं. फैंस ये जानने को बेताब हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?
 

इंग्लिश बल्लेबाज क्यों नहीं पहन सकते कैप?

स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट एलिजाबेथ एम्मन (Elizabeth Ammon) ने इसका खुलासा किया है, उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘इस सवाल का जवाब दे रही हूं कि कोहली क्यों कैप पहनकर बल्लेबाजी कर सकते हैं लेकिन इंग्लिश प्लेयर्स को इसकी इजाजत नहीं है. ईसीबी के नियमों के मुताबिक किसी भी बल्लेबाज के लिए प्रोफेशनल या पाथवे क्रिकेट में बैटिंग करते वक्त हेलमेट पहनना अनिवार्य है, यहां तक कि स्पिनर्स के खिलाफ भी.’

 

 

ECB के लिए बल्लेबाजों की सुरक्षा अहम

इस नियम के जरिए किसी भी बल्लेबाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की है, ताकि बैटिंग के दौरान गेंद सिर पर न लगे. अगर स्पिनर भी गेंदबाजी कर रहा है तो सिर पर गेंद लगने की आशंका बनी रहती है, खासकर फील्डर के थ्रो फेंकने वक्त भी बैटर हादसे का शिकार हो सकता है. यही वजह है कि ईसीबी (ECB) किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती.





Source link

Leave a Comment