रहाणे को टीम इंडिया से ड्रॉप करना मुश्किल, ये बेस्ट पारियां कोहली से भी बनाती हैं महान


नई दिल्ली: अजिंक्य रहाणे पिछले कुछ समय से बेहद खराब फॉर्म में चल रहे हैं और उन्हें टीम इंडिया से बाहर करने की भी मांग उठने लगी है, लेकिन कुछ ऐसी बेहतरीन पारियां हैं जो उन्हें दुनिया के बेस्ट बल्लेबाज विराट कोहली से भी महान बनाती हैं. 

रहाणे को टीम इंडिया से ड्रॉप करना मुश्किल

अजिंक्य रहाणे ने अपना टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू 22 मार्च 2013 को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था. रहाणे को किस्मत से टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला, क्योंकि उस दौरान बाएं हाथ के बल्लेबाज शिखर धवन चोट के चलते सीरीज के बाकी मैचों से बाहर हो गए थे, जिन्होंने अपना डेब्यू ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ मोहाली में किया था और शानदार 187 रनों की पारी खेलकर अपने टेस्ट करियर की चमकदार शुरुआत की थी.

डरबन की खतरनाक पिच पर 96 रनों की पारी

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में विफलता के बावजूद रहाणे को दक्षिण अफ्रीका (2013-14) दौरे के लिए निचले मध्यक्रम के बल्लेबाज के तौर पर भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली थी, लेकिन इस बार वो चूके नहीं और उन्होंने डरबन किंग्समीड में दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ 157 गेंदों में 96 रनों की शानदार पारी खेली और सीरीज में 69.66 की औसत से 209 रन बनाए. 

न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंग्टन की ग्रीन पिच पर 118 रन 

दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर शानदार प्रदर्शन का इनाम उन्हें तब मिला जब उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया. रहाणे ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंग्टन में ग्रीन टॉप पिच पर अपना पहला टेस्ट शतक लगाकर भारत को मुश्किल स्थिति से निकाला. रहाणे ने 158 गेंदों में 118 रनों की शानदार पारी खेली. रहाणे की इस पारी और टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा की लगातार नाकामी के चलते टीम मैनेजमेंट ने नंबर 5 के बल्लेबाजी क्रम के लिए उन्हें टेस्ट टीम का स्थायी सदस्य बनाने का फैसला किया. 

लॉर्ड्स की ग्रीन टॉप पिच पर 103 रनों की बेशकीमती पारी

टेस्ट क्रिकेट में रहाणे ने अपनी क्लास और टेम्परामेंट का परिचय तब दिया जब उन्होंने लॉर्ड्स के मैदान पर ग्रीन टॉप पिच पर मुश्किल हालातों में अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक लगाया. लॉर्ड्स की गेंदबाजों के अनुकूल हरी पिच पर रहाणे ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम इंडिया को मुश्किल से निकाला और 154 गेंदों में 103 रनों की बेशकीमती पारी खेली.

इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने टॉस जीत कर टीम इंडिया को लॉर्ड्स की गेंदबाजों के अनुकूल हरी पिच पर बल्लेबाजी का न्योता दिया. जिसके बाद टीम इंडिया ने अपने शुरुआती सात विकेट महज 145 रनों में ही गवा दिए थे. इसके बाद रहाणे ने बेशकीमती पारी खेलकर टीम के खाते 150 रन और जोड़ दिए जिसकी बदौलत टीम इंडिया 295 के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य तक पहुचने में सफल रही थी. भारत ने बाद में ये मैच भी जीता.

मेलबर्न की बाउंसी पिच पर 147 रन 

अजिंक्य रहाणे ने 2014-15 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने मिचेल जॉनसन, मिचेल स्टार्क व पीटर सिडल जैसी मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ सीरीज में 3 अर्धशतक 1 शतक लगाए, जिसमे मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेली गई उनकी 147 रनों की शानदार पारी भी शामिल है. 

कोटला की टर्निंग पिच पर दोनों ही पारियों में धमाकेदार शतक

साल 2015 में जब दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत आई तो रहाणे ने दिल्ली के फिरोजशाह कोटला की टर्निंग पिच पर दोनों ही पारियों में धमाकेदार शतक बनाए और इसी के साथ वो विजय हजारे, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़ और विराट कोहली के खास क्लब में शामिल हुए. 

मेलबर्न में सीरीज का नतीजा पलटने वाला शतक 

साल 2021 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरी पारी में महज 36 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. कंगारू टीम ने ढाई दिन के अंदर भारत को 8 विकेट से मात देकर सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली थी. मार्क वॉ और रिकी पोंटिंग का कहना था कि विराट कोहली और मोहम्मद शमी जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के बिना टीम इंडिया पलटवार नहीं कर पाएगी.  

लेकिन कोहली की जगह कप्तानी करने वाले अजिंक्य रहाणे ने ऑस्ट्रेलियाई माइंड गेम से पार पाते हुए टीम को फिर से खड़ा कर दिया. टीम इंडिया ने रहाणे की कप्तानी में मेलबर्न में जबर्दस्त वापसी की. अजिंक्य रहाणे ने टीम इंडिया की मोर्चे से अगुवाई करते हुए मेलबर्न में 112 रनों की शानदार पारी खेली. रहाणे ने टीम इंडिया को कंगारुओं पर 8 विकेट से धमाकेदार जीत दिला दी. अजिंक्य रहाणे के इन बेहतरीन प्रदर्शनों को देखते हुए टीम मैनेजमेंट अब भी उन पर भरोसा बनाए हुए है जो कि जायज भी है.





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